जीवन में खेलों का महत्व
आज के ब्लॉक में हम आपको एक छोटे से निबंध को ब्लॉक के माध्यम से बताना चाहते हैं यह आपको कितना मददगार साबित होगा आपको पढ़ने के बाद ही कुछ अनुभव होगा इसलिए हम आपके लिए लेकर आए हैं जीवन में खेलों का महत्व का ब्लॉक कृपया सभी भाई दोस्त एवं बड़ों से भी निवेदन है जो भी इस ब्लॉक को पढ़े कृपया कमेंट में जरूर बताएं की निबंध कैसा है तो चलिए शुरू करते हैं
जीवन में खेलों का महत्व
1 प्रस्तावना-
खेल मनोरंजन का उत्तम साधन है स्वास्थ्य की दृष्टि से उसका महत्वपूर्ण स्थान है खेलों से हमारे शरीर का हर अंग , मांसपेशियां आदि सुचारू रूप से कार्य करते हैं हम अपने शरीर में स्फूर्ति का अनुभव करते हैं। रक्त संचार उचित ढंग से होता है जिस प्रकार मनुष्य के शरीर के लिए खाना पीना सोना वायु आदि अनिवार्य होता है उतना ही खेलना भी है खेल एक प्रकार का व्यायाम है खेलकूद के जीवन अधूरा है अत कहा गया है
All work and no play ,Jack a dull boy
अर्थात सारे दिन काम करना खेलना नहीं होशियार को भी मूर्ख बना देता है।
2 खेल प्रतियोगिता हेतु-
वर्तमान परिवेश में खेलों का महत्व बहुत बढ़ गया है प्रतियोगिताओं के कारण क्षेत्र व्यापक हो गया है इसी स्पर्धा के कारण मानव जीवन और संपूर्ण विश्व एक खेल का मैदान बन गया है हर किसी में अपनी रुचि के खेल में पारंगत होने की होड़ लगी रहती है प्रतियोगिताओं के ही कारण विश्वकप,ओलंपिक, एशियाड इत्यादि खेलों का जन्म हुआ ।
3 खेल के प्रकार-
आजकल खेलों को दो भागों में बांटा गया है
1 घर के भीतर खेले जाने वाले खेल- इस खेल के अंदर घर के भीतर खेले जाने वाले खिलाते हैं जैसे लूडो ,ताश, कैरम ,शतरंज , इत्यादि खेल आते हैं ।
2 घर के बाहर खेले जाने वाले खेल-यह खेल घर के बाहर अर्थात मैदान में खेले जाने वाले खेल आते हैं जैसे खो खो कबड्डी क्रिकेट फुटबॉल वॉलीबॉल हांकी इत्यादि खेल आते हैं
4 खेलों से लाभ या महत्व
1 मैत्री भावना का विकास- खेल दो दिलों को जोड़ने वाले होते हैं बड़ी प्रतिस्पर्धा के साथ खेलते हुए अंत में जीतने वाले हारने वाले को गले लगाते हैं बधाई देते हैं परस्पर प्रेम और भाईचारे की भावना में वृद्धि होता है आता खेले मैत्री और बंधुत्व का प्रतीक है।
2 अनुशासित जीवन- खेल में निर्धारित नियमों का पालन करना पड़ता है संचालक गाइडों और शिक्षकों के आदेशों का पालन करना पड़ता है जिससे खिलाड़ी का जीवन स्वत ही पूर्ण अनुशासित हो जाता है।
3 मनोरंजन के साधन- खेल मनोरंजन का साधन जुटाते हैं खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों दोनों को ही मनोरंजन मिलता है ऐसे लोगों को भाग्यहीन कहना चाहिए जो खेलों से प्राप्त मनोरंजन के महत्व को नहीं जानते हैं।
4 मानवीय गुणों का विकास- खिलाड़ी लगनशील परिश्रमी और कर्मठ होता है आलस्य अकर्मण्यता और थकान उससे कोसों दूर रहती हैं ईष्या ष्द्वेष भेदभाव से दूर रहता है खेलों में मानव मानव में प्रेम संबंध दृढ हो जाते हैं खेल भावना के कारण आपसी सहयोग संगठन अनुशासन एवं सहनशीलता का गुण जाता है विजय की दशा में उत्साह और हारने की स्थिति में सहनशीलता का भाव आ जाता है ।
5 यश और मन में वृद्धि - खेल में केवल खिलाड़ियों का ही सम्मान नहीं होता अपितु देश समाज जाति के नाम में भी वृद्धि होती है खेलों के लिए स्थानीय राज्य राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार घोषित किए जाते हैं ओलंपिक खेलों में अधिक से अधिक प्राप्त करने वाले देश के गौरव में अभिवृत्ति होती है खिलाड़ियों को जनता का स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होता है ।
6 स्वास्थ्य में वृद्धि- खेलने से खिलाड़ियों का भरपूर व्यायाम होता है जिससे खिलाड़ी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होते हैं निरंतर विकास होता है अतः कहा गया
Ahealthy mind is in a healthy body
अर्थात स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है
5 सरकार द्वारा किये गये प्रर्यत्न -
खेलों के विकास के लिए भारत सरकार ने खेल मंत्रालय स्थापित किया है यह मंत्रालय क्षेत्रीय प्रादेशिक राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है उत्तम खिलाड़ी का खेल के आधार पर चयन करके उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है खेल की उत्तम सामग्री क्रय और निर्माण करने के लिए सरकार ऋण अनुदान प्रदान करता है ।
6 खेलों से हानियां-
खेल आजकल सभी के लिए प्रिय होता जा रहा है खेल प्रेमियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है लेकिन खेल में कभी-कभी चोट इत्यादि की समस्या हो जाती है इसीलिए हमें खेल को सावधानी पूर्वक खेलना चाहिए क्योंकि क्रिकेट जैसे खेलों में हमें चोट लगने की संभावना बहुत अधिक रहती है और कबड्डी में भी क्योंकि कबड्डी में पैर फिसलने की संभावना अधिक रहती है इसीलिए खेल को ध्यान एवं सावधानी पूर्वक खेलना चाहिए जिससे हम सुरक्षित रह सके और खेल खेल सके नहीं थोड़ी सी गलती भी हमें चोट पहुंचा सकते हैं इसीलिए सतर्क रहकर खेलें ।
9 उपसंहार -
खेलों से जीवन महान बनता है हम समाज तथा देश में महत्व प्राप्त करते हैं उत्साह के साथ जीवन के क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं मानव जीवन संपन्न और खुशहाल बनता है हर विकसित देशों में खेलों का आधिकारिक विकास हो रहा है जिस कारण वे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अधिक से अधिक पदक प्राप्त कर रहे हैं हमें भी अपने देश में अधिक से अधिक खिलाड़ी तैयार करने के लिए खेलों को प्रोत्साहन देना चाहिए इसके लिए बच्चों को बचपन से ही विविध खेलों का अभ्यास करना चाहिए जिससे उनका शारीरिक मानसिक और बौद्धिक विकास होता रहे।
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